दुनिया की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षा गाओकाओ का 2026 संस्करण रविवार, 7 जून को शुरू हुआ, जिसमें लगभग 1.29 करोड़ अभ्यर्थी शामिल हुए। इस बार चीनी अधिकारियों ने सुरक्षा के ऐतिहासिक कड़े इंतजाम किए हैं, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली, वीडियो निगरानी और मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां तथा स्मार्ट चश्मे जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है। यह परीक्षा चीन में उच्च शिक्षा में प्रवेश का मुख्य मानदंड बनी हुई है और प्रांत तथा चुने गए विषयों के अनुसार कई दिनों तक चलती है।
परीक्षा का स्वरूप: तारीख, पाठ्यक्रम और अंक व्यवस्था
गाओकाओ की शुरुआत हर साल चीनी शैक्षणिक वर्ष के अंत में 7 जून से होती है, और 2026 में भी यही समय रहा। हालांकि, इसका कार्यक्रम प्रांत और विषयों के अनुसार अलग-अलग होता है। सबसे आम मॉडल “3+1+2” है, जिसमें तीन अनिवार्य विषय – चीनी भाषा और साहित्य, गणित और एक विदेशी भाषा (अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन, रूसी या स्पेनिश) – शामिल हैं। इसके अलावा, अभ्यर्थियों को एक मुख्य क्षेत्र और मानविकी या विज्ञान से दो पूरक विषय चुनने होते हैं। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक प्रश्नों के साथ-साथ निबंध भी शामिल होते हैं, और अंक आमतौर पर प्रांतीय प्रणाली के अनुसार 700 से 750 के बीच होते हैं।
पंजीकरण में गिरावट: दूसरे साल भी घटे आंकड़े
चीन के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2026 में लगभग 1.29 करोड़ अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4.5 लाख कम है। यह लगातार दूसरा साल है जब पंजीकरण संख्या में गिरावट आई है। इसके पीछे कई कारण हैं: विश्वविद्यालय जाने वाली आयु के किशोरों की आबादी में कमी, युवाओं का तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर रुझान, और चीनी अर्थव्यवस्था में आ रही कठिनाइयाँ। खास बात यह है कि 16 से 24 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर 16 प्रतिशत से अधिक है, और इस वर्ष लगभग 1.27 करोड़ नए स्नातक रोजगार बाजार में प्रवेश करने वाले हैं।
धोखाधड़ी रोकने के लिए एआई और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का कड़ा इंतजाम
शैक्षिक अधिकारियों ने धोखाधड़ी रोकने के लिए निगरानी तकनीकों और बुद्धिमान प्रणालियों का विस्तार किया है। परीक्षा केंद्रों पर वीडियो निगरानी, कड़ी जांच और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का पता लगाने वाली स्क्रीनिंग प्रणालियाँ तैनात की गई हैं। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि वह उच्च तकनीक वाले उपकरणों से नकल करने के प्रयासों की पहचान करने के लिए बुद्धिमान उपकरणों का उपयोग कर रहा है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ियां और स्मार्ट चश्मे जैसे प्रतिबंधित उपकरणों के उपयोग को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा, सरकार ने परीक्षा से संबंधित अवैध गतिविधियों – जैसे धोखाधड़ी योजनाएं, ठगी और शैक्षिक सेवाओं के भ्रामक विज्ञापन – से निपटने के लिए भी कार्रवाई तेज करने की बात कही है।
परीक्षा में एआई विषय: बीजिंग और शंघाई में रचनात्मक कार्य
इस वर्ष के गाओकाओ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को परीक्षा के विषय के रूप में भी शामिल किया गया। बीजिंग में अभ्यर्थियों को बुजुर्गों के लिए एआई गतिविधि पर एक नारा बनाने का कार्य दिया गया, जबकि शंघाई में छात्रों को प्रौद्योगिकी के वैश्विक परिवर्तन और मानव कल्पना पर प्रभाव पर 800 शब्दों का निबंध लिखना था। यह एक संकेत है कि चीनी शिक्षा प्रणाली एआई को न केवल निगरानी के लिए, बल्कि पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में भी अपना रही है।
बदलता नजरिया: परिवारों का झुकाव संतुलित दृष्टिकोण की ओर
विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार और अभ्यर्थी गाओकाओ को लेकर अपने दृष्टिकोण में धीरे-धीरे बदलाव ला रहे हैं। पिछले कुछ दशकों में चीन के तीव्र आर्थिक विकास ने उच्च शिक्षा के महत्व को बढ़ाया और युवाओं के प्रदर्शन से अपेक्षाएं ऊंची कर दी थीं। लेकिन अब, अधिक प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार के मद्देनजर, कई माता-पिता शैक्षणिक प्रदर्शन, शारीरिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण के बीच संतुलन को अधिक महत्व देने लगे हैं। फिर भी, लाखों छात्रों के लिए गाओकाओ विश्वविद्यालय प्रवेश और पेशेवर संभावनाओं के निर्माण में एक निर्णायक चरण बना हुआ है। सरकार ने परीक्षा से संबंधित अवैध गतिविधियों, विशेष रूप से धोखाधड़ी योजनाओं और भ्रामक शैक्षिक विज्ञापनों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का भी वादा किया है।
बेरोजगारी के आंकड़े और आर्थिक चुनौतियाँ गाओकाओ के महत्व को एक नए संदर्भ में रखती हैं। 16 से 24 वर्ष के युवाओं में 16 प्रतिशत से अधिक बेरोजगारी दर न केवल स्नातकों के लिए रोजगार की कठिनाई को दर्शाती है, बल्कि परीक्षा के प्रति उम्मीदों को भी प्रभावित करती है। इस वर्ष लगभग 1.27 करोड़ नए स्नातकों के बाजार में आने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा की ओर रुझान समझ में आता है, क्योंकि ये पाठ्यक्रम सीधे रोजगार से जुड़े होते हैं।
