मेटा ने दुनिया भर में किशोरों के लिए सामग्री फ़िल्टरिंग सेटिंग्स का विस्तार कर दिया है। कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर पर किशोर खातों के लिए ये नई सेटिंग्स अब वैश्विक स्तर पर लागू हो रही हैं। यह पहल पिछले साल अक्टूबर से कुछ चुनिंदा देशों में परीक्षण के बाद शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवा उपयोगकर्ताओं को उनकी उम्र के अनुरूप अनुभव मिले। साथ ही, इंस्टाग्राम पर एक नया फीचर भी पेश किया गया है जो किशोरों को बार-बार एक ही तरह की सामग्री देखने से रोकेगा।
डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स और प्रतिबंधात्मक व्यवस्था
नई सेटिंग्स, जिन्हें '13+' नाम दिया गया है, उन सामग्रियों को फ़िल्टर करती हैं जो किशोरों के लिए अनुपयुक्त मानी जाती हैं। ये सेटिंग्स अब सभी किशोर खातों के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होंगी। मेटा ने बताया कि इस साल के अंत में फेसबुक और मैसेंजर पर एक और सख्त विकल्प उपलब्ध होगा, जिसे "सीमित सामग्री" कहा जाता है। यह विकल्प और अधिक प्रतिबंधात्मक अनुभव प्रदान करेगा और कुछ प्रकार की पोस्ट तक पहुंच को सीमित करेगा। कंपनी ने जोर देकर कहा कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाना है।
इंस्टाग्राम पर फ़ीड विविधीकरण का परीक्षण
इसके समानांतर, इंस्टाग्राम एक नए फीचर का परीक्षण कर रहा है जो किशोरों को दिखाई जाने वाली सामग्री में विविधता लाने पर केंद्रित है। यह टूल खास तौर पर युवाओं को किसी एक प्रकार की पोस्ट की अत्यधिक मात्रा देखने से रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मेटा ने स्वीकार किया कि पोषण, वजन उठाने या चिंता से निपटने के टिप्स जैसे विषय उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन उन्हें बार-बार नहीं दिखाया जाना चाहिए। कंपनी का कहना है कि इन विषयों को अन्य प्रकार की सामग्री के साथ संतुलित करना आवश्यक है। इस तरह से फ़ीड को अधिक संतुलित बनाने की कोशिश की जा रही है।
कानूनी दबाव और निवेशकों को चेतावनी
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब मेटा पर कानूनी और नियामक दबाव लगातार बढ़ रहा है। 25 मार्च को लॉस एंजेलेस में एक ऐतिहासिक मुकदमे में जूरी ने मेटा और गूगल को लापरवाह पाया। अदालत ने एक 20 वर्षीय महिला को संयुक्त रूप से 6 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया। महिला ने दावा किया था कि वह बचपन में सोशल मीडिया की आदी हो गई थी। यह मामला सोशल मीडिया के प्रभाव पर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
अप्रैल में मेटा ने निवेशकों को आगाह किया था कि यूरोपीय संघ और अमेरिका में कानूनी और नियामक प्रतिक्रिया "हमारे व्यवसाय और वित्तीय परिणामों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकती है"। यह जोखिम अब सुरक्षा उपायों के विस्तार के साथ वास्तविकता बनता दिख रहा है। कंपनी के लिए यह स्पष्ट है कि नियामक वातावरण तेजी से बदल रहा है और उसे इसके अनुरूप ढलना होगा। यह चेतावनी दर्शाती है कि मेटा आगामी नियामक कार्रवाइयों को लेकर सचेत है।
उपयोगिता और जोखिम के बीच संतुलन
मेटा ने स्पष्ट किया कि मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी सामग्री लाभदायक हो सकती है, लेकिन इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। कंपनी के बयान में कहा गया, "हम मानते हैं कि पोषण, वजन उठाने या चिंता से निपटने जैसे कुछ विषय उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन उन्हें बार-बार दिखाने के बजाय अन्य सामग्री के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।" यह रुख आलोचनाओं का जवाब देने की कोशिश है, बिना प्रासंगिक सामग्री को पूरी तरह खत्म किए। हालांकि, नए उपकरणों की प्रभावशीलता अभी व्यवहार में परखी जाएगी। मेटा का कहना है कि वह सामग्री को पूरी तरह हटाने के बजाय संतुलित करना चाहता है।
वैश्विक विस्तार का यह कदम मेटा की बढ़ती कानूनी और नियामक जांच के प्रति सीधी प्रतिक्रिया है। कंपनी को अपने व्यवसाय मॉडल और किशोरों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लॉस एंजेलेस का मामला दिखाता है कि अदालतें अब प्लेटफार्मों को ठोस नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराने लगी हैं। आने वाले महीनों में फेसबुक और मैसेंजर पर 'सीमित सामग्री' विकल्प को अपनाने और इंस्टाग्राम परीक्षणों के नतीजों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। असली परीक्षा यह होगी कि क्या मेटा बार-बार एक्सपोज़र को कम करते हुए उपयोगकर्ताओं के समय को बनाए रख पाएगा, जो उसके विज्ञापन राजस्व का आधार है।
