Motorola Solutions ने 1.5 अरब डॉलर में इज़राइली एंटी-ड्रोन कंपनी D-Fend Solutions का अधिग्रहण किया है, जो अपनी EnforceAir तकनीक के ज़रिए हॉस्टाइल ड्रोन को बिना नुकसान पहुंचाए नियंत्रित कर सकती है। यह सौदा पिछले सोमवार, 1 जून को सार्वजनिक किया गया। EnforceAir रेडियो तरंगों का उपयोग कर अनाधिकृत ड्रोन की पहचान कर उन्हें सुरक्षित रूप से भूमि पर उतारता है। इससे कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। यह अधिग्रहण ड्रोन के बढ़ते उपयोग के बीच हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
D-Fend Solutions: ड्रोन युग में सुरक्षा का नया चेहरा
D-Fend Solutions की स्थापना 2016 में हुई थी और इसने हॉस्टाइल ड्रोनों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा प्रणाली विकसित की है। इसका EnforceAir सिस्टम केवल ड्रोन का पता लगाने से कहीं आगे जाकर सक्रिय इंटरसेप्शन की अनुमति देता है। यह तकनीक अब 30 से अधिक देशों में संचालित हो रही है, जिनमें नाटो के सदस्य भी शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कंपनी की सालाना आय में 50% से अधिक की वृद्धि हुई है। 2026 के लिए इसका अनुमानित राजस्व 185 मिलियन डॉलर है।
EnforceAir की तकनीक: बिना टकराव के नियंत्रण
EnforceAir लंबी दूरी तक रेडियो तरंगों के ज़रिए ड्रोन का पता लगाता है और उन्हें अन्य उड़ने वाली वस्तुओं से अलग करता है, जिससे झूठे अलर्ट खत्म हो जाते हैं। यह प्रणाली ड्रोन के प्रीफिक्स, ब्रांड और मॉडल की पहचान करती है ताकि यह तय किया जा सके कि यह अधिकृत है या नहीं। अगर खतरा साबित होता है, तो यह पायलट के रिमोट कंट्रोल को डिस्कनेक्ट कर देता है। ड्रोन को सुरक्षित स्थान पर लैंड करा दिया जाता है चाहे वह टेक-ऑफ पॉइंट हो या कोई अन्य सुरक्षित क्षेत्र। इस तरह ड्रोन को नष्ट किए बिना ही उसकी गतिविधि को रोक दिया जाता है।
आवेदन के क्षेत्र और वैश्विक अपनाना
यह सिस्टम मुख्य रूप से सैन्य क्षेत्रों, हवाई अड्डों, स्टेडियमों, जेलों, सरकारी भवनों और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार किया गया है। मोटोरोला सॉल्यूशंस के सीईओ ग्रेग ब्राउन ने कहा कि यह तकनीक न केवल ड्रोन के खतरों की पहचान करती है, बल्कि उनकी संचार व्यवस्था को बेअसर कर उन्हें सुरक्षित रूप से नीचे उतारती है। कंपनी, जिसका मोटोरोला मोबिलिटी से कोई संबंध नहीं है, इस अधिग्रहण के ज़रिए अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करना चाहती है। अब तक 30 से अधिक देश इस तकनीक को अपना चुके हैं, जो इसकी वैश्विक मांग को रेखांकित करता है। यह अधिग्रहण मोटोरोला को एंटी-ड्रोन बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बनाएगा।
बाजार का आकार और मोटोरोला की रणनीति
मॉर्डर इंटेलिजेंस के अनुसार, एंटी-ड्रोन समाधानों का बाजार 2026 में 2.47 अरब डॉलर का था और 2031 तक इसके 8.42 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। D-Fend इस बाजार में एक बड़ी हिस्सेदारी रखती है, जिसका अनुमानित राजस्व इस वर्ष 185 मिलियन डॉलर है। मोटोरोला सॉल्यूशंस को उम्मीद है कि यह लेन-देन 2026 की अंतिम तिमाही में पूरा हो जाएगा। ये आंकड़े सरकारों और कंपनियों की हॉस्टाइल ड्रोन से बचाव की तत्काल आवश्यकता को दर्शाते हैं। साथ ही यह इस उभरते उद्योग की भारी आर्थिक क्षमता को भी उजागर करते हैं।
हाल के हमले और कानूनी बदलावों ने बढ़ाई मांग
डेटा सेंटरों पर हमले, जो अमेरिका और इज़राइल के ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान हुए, और पूरे यूरोप में हवाई अड्डों के बंद होने ने ऐसी प्रणालियों की आवश्यकता को स्पष्ट किया है जो बिना संचार में हस्तक्षेप किए ड्रोन को रोक सकें। अमेरिका में पिछले साल पारित साफ़र स्काइज़ एक्ट प्रमाणित राज्य और स्थानीय पुलिस को अनधिकृत ड्रोन को सक्रिय रूप से हाईजैक करने और उतारने की अनुमति देता है। इस कानून ने ड्रोन कैप्चर टूल्स के लिए एक नया बाजार तैयार किया है, जिससे D-Fend जैसी कंपनियों को सीधा फायदा हुआ है। यह कानून सक्रिय हस्तक्षेप की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, जो पहले विवादास्पद था। भू-राजनीतिक घटनाओं और कानूनी बदलावों का यह संयोजन इन तकनीकों के वैश्विक स्तर पर अपनाने को तेज कर रहा है।
साफ़र स्काइज़ एक्ट के तहत, प्रमाणित अधिकारी अनधिकृत ड्रोन को सक्रिय रूप से अपने नियंत्रण में लेकर उन्हें सुरक्षित जगह पर उतार सकते हैं। यह कानून ड्रोन विरोधी तकनीकों के लिए एक नया और तेज़ी से बढ़ता बाजार तैयार करता है, जिसमें D-Fend जैसी कंपनियाँ सबसे आगे हैं। अमेरिका में इस कानून को पारित होने से सक्रिय हस्तक्षेप को स्वीकार्यता मिली है, जिससे पहले के विवादास्पद तरीकों को अब कानूनी समर्थन प्राप्त हुआ है। इससे EnforceAir जैसे सिस्टम की माँग अमेरिकी बाजार में तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी पुलिस अब इस तकनीक का उपयोग कर सकती है। यह कानून अमेरिका में ड्रोन सुरक्षा के लिए एक नया मानदंड स्थापित कर सकता है, जिसे अन्य देश भी अपना सकते हैं।
