यूक्रेनी सेना ने शनिवार 6 जून 2026 की सुबह सेंट पीटर्सबर्ग और क्रास्नोडार क्षेत्रों में एक अभूतपूर्व ड्रोन हमला किया, जिसे रूसी अधिकारियों ने 'बेमिसाल' करार दिया। यह हमला सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच के आखिरी दिन हुआ, जिसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने पुष्टि की कि निशानों में क्रास्नोडार के एक तेल डिपो और सेंट पीटर्सबर्ग के पास एक नौसैनिक अड्डा शामिल था, जिस पर बुधवार को भी ड्रोन हमला हुआ था। सेंट पीटर्सबर्ग के गवर्नर अलेक्ज़ेंडर बेग्लोव ने निवासियों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी — यह उपाय रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से पहली बार देखने को मिला है।
हमले का विस्तार और रूसी रक्षा प्रणाली की चुनौती
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में कुल 376 यूक्रेनी ड्रोनों को नष्ट कर दिया, हालांकि यह नहीं बताया कि कितने ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे। लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्ज़ेंडर द्रोज़्देंको ने बताया कि सेंट पीटर्सबर्ग क्षेत्र में 140 से अधिक ड्रोनों को मार गिराया गया। दूसरी ओर, यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक रूसी ठिकानों पर कुल 272 ड्रोन दागे, जिनमें से 249 को रोक लिया गया, लेकिन 11 ड्रोन विभिन्न स्थानों पर गिरे। दोनों पक्षों के आंकड़ों में यह अंतर युद्ध के मैदान पर स्थिति की जटिलता को दर्शाता है, जहां हर पक्ष अपने-अपने दावे पेश करता है।
यूक्रेनी कमांडर का दावा: 'रूस में ऐसे उड़े जैसे अपने घर में'
इस ऑपरेशन में शामिल एक यूक्रेनी यूनिट के कमांडर येवहेन कारस ने बीबीसी को बताया कि यह मिशन अपेक्षाकृत आसानी से अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा, 'हम रूस में ऐसे उड़ रहे हैं जैसे अपने ही इलाके में हों। लगभग कोई प्रतिरोध नहीं है, किसी लक्ष्य को भेदना मुश्किल नहीं है।' यह बयान संकेत देता है कि यूक्रेन रूसी वायु रक्षा प्रणाली की कमज़ोरियों का फायदा उठाने में सफल हो रहा है, खासकर मोर्चे से दूर के इलाकों में। ज़ेलेंस्की ने विस्तार से बताया कि ड्रोनों ने बाल्टिक बेड़े के मुख्य अड्डे क्रोनश्तादत तक पहुंचने के लिए लगभग एक हज़ार किलोमीटर की दूरी तय की, जबकि क्रास्नोडार के ईंधन डिपो तक 500 किलोमीटर का सफर तय किया गया। सीएनएन के अनुसार, बुधवार के हमले में क्रोनश्तादत स्थित एक युद्धपोत क्षतिग्रस्त हुआ था, जिसके बाद रूसी अधिकारियों ने शहर में कई घंटों तक यातायात रोक दिया था।
जमीनी परिणाम: आग, विस्फोट और नागरिकों की निकासी
हमले के बाद नौसैनिक अड्डे के पास एक हथियार डिपो के आसपास आग लग गई, जिसके चलते आस-पास के एक गाँव को खाली करा लिया गया। सीएनएन के मुताबिक, इस निकासी से लगभग 600 लोग प्रभावित हुए। आग उस स्थान पर लगी जहां युद्ध सामग्री जमा थी, जिससे द्वितीयक विस्फोटों का ख़तरा और बढ़ गया। रूसी अधिकारी अभी भी स्थिति पर पूरी तरह काबू नहीं पा सके हैं और क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाए हुए हैं। यह घटना साफ़ दिखाती है कि यूक्रेनी हमलों का सीधा असर रूसी नागरिकों पर पड़ रहा है, जिसका इस्तेमाल कीव मॉस्को पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव बनाने में कर रहा है।
रणनीति का विस्तार: लंबी दूरी के ड्रोन और कूटनीतिक संदर्भ
यूक्रेन पिछले कुछ महीनों में रूसी तेल अवसंरचना पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज़ कर रहा है, जिनकी प्रभावशीलता बढ़ती जा रही है — यह बात सीएनएन ने अपने विश्लेषण में कही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, कीव ने हाल ही में कई मोर्चों पर युद्ध की गतिशीलता को पलट दिया है, रूसी सेना की बढ़त को रोक दिया है और मॉस्को के सैन्य उत्पादन और तेल उद्योग को भारी नुकसान पहुंचाया है। कूटनीतिक मोर्चे पर, हमले से एक दिन पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि वे ज़ेलेंस्की से मिलने का कोई कारण नहीं देखते, जबकि यूक्रेनी नेता ने एक खुले पत्र में युद्ध ख़त्म करने के लिए बैठक का प्रस्ताव रखा था। पुतिन ने जोर देकर कहा कि संघर्ष तभी समाप्त होगा जब रूस के लक्ष्य पूरे होंगे। इसके जवाब में ज़ेलेंस्की ने चुनौतीपूर्ण लहजा अपनाते हुए लिखा कि 'रूसी धीरे-धीरे इस हकीकत से बेचैन हो रहे हैं कि युद्ध रूस के लिए लगातार नकारात्मक परिणाम ला रहा है।'
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इन हमलों को रूसी बमबारी का 'न्यायसंगत' जवाब बताया, जिसमें यूक्रेनी नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। उन्होंने पुतिन पर युद्ध जारी रखने और शांति के किसी भी प्रस्ताव को ठुकराने का आरोप लगाया, जब तक कि इसमें यूक्रेन के आत्मसमर्पण की शर्त न हो। इस बीच, लंबी दूरी के सैन्य अभियान कीव का मुख्य हथियार बने हुए हैं, जिससे वह यह साबित करना चाहता है कि युद्ध को केवल यूक्रेनी धरती तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सेंट पीटर्सबर्ग पर हमले की भयावहता — जिसे संघर्ष की शुरुआत के बाद से इस क्षेत्र पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है — यह संकेत देती है कि तनाव और बढ़ सकता है, जिसका असर युद्ध के मैदान और भविष्य की वार्ताओं दोनों पर पड़ेगा। यूक्रेन की सैकड़ों किलोमीटर दूर तक लक्ष्य भेदने की क्षमता क्रेमलिन को अपने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा बढ़ाने पर मजबूर कर रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन घटनाक्रमों को बारीकी से देख रहा है।
